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रबी फसलों की नई MSP 2026-27 घोषित: गेहूं ₹2,585 और सरसों ₹6,200 बिका सरकारी कांटे पर, जानिए ई-उपार्जन पंजीयन व स्लॉट बुकिंग का तरीका

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ओमप्रकाश धाकड़सत्यापित लेखक
कृषि अर्थशास्त्र एवं नीति विश्लेषक • एम.एससी. एग्रीकल्चरल इकोनॉमिक्स, 16 वर्ष का राज्य उपार्जन समिति सलाहकार
प्रकाशित: 23 अक्टूबर 2026
समीक्षक: सुनील शर्मा (मार्केट डेस्क, Mandi Bhav Live)
रबी समर्थन मूल्य 2026-27 और ई-उपार्जन पंजीयन गाइड - Mandi Bhav Live
📢 मंडी यार्ड से ग्राउंड रिपोर्ट

"हर साल हजारों किसान समर्थन मूल्य पर उपज बेचने से सिर्फ इसलिए वंचित रह जाते हैं क्योंकि उनके बैंक खाते में NPCI आधार डीबीटी (Direct Benefit Transfer) लिंक नहीं होता। केवल खाता संख्या देना काफी नहीं है—खाता आधार से सक्रिय डीबीटी मोड में होना चाहिए। उपार्जन पंजीयन कराते समय अपनी पटवारी गिरदावरी में दर्ज रकबा और बोई गई फसल की किस्म अवश्य मिला लें ताकि बाद में कांटा पर्ची कटने में कोई अड़चन न आए।"

— विष्णुदत्त शर्मा (नोडल अधिकारी, राज्य कृषि विपणन बोर्ड), भोपाल, मध्य प्रदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने रबी विपणन सत्र (RMS) 2026-27 के लिए सभी अनिवार्य रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में भारी बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। मुख्य खाद्यान्न फसल गेहूं के समर्थन मूल्य में ₹160 प्रति क्विंटल और प्रमुख तिलहन फसल रेपसीड एवं सरसों में ₹250 प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया है।

सरकार द्वारा घोषित यह नया समर्थन मूल्य देश के करोड़ों किसानों के लिए लागत पर कम से कम 50% से लेकर 100% तक का शुद्ध मुनाफा सुनिश्चित करता है। लेकिन समर्थन मूल्य का लाभ सीधे बैंक खाते में पाने के लिए राज्य सरकारों के ई-उपार्जन (e-Uparjan / e-Kharid / मेरी फसल मेरा ब्योरा) पोर्टल पर समय रहते पंजीयन कराना सबसे अनिवार्य शर्त है।

रबी विपणन सत्र 2026-27: सभी फसलों की आधिकारिक MSP सूची

कैबिनेट द्वारा स्वीकृत अंतिम समर्थन मूल्य दरें (₹ प्रति क्विंटल) इस प्रकार हैं:

फसल का नाम पिछला MSP (2025-26) नया MSP (2026-27) प्रति क्विंटल कुल बढ़ोतरी
गेहूं (Wheat) ₹2,425 ₹2,585 +₹160 / क्विंटल
रेपसीड एवं सरसों (Mustard) ₹5,950 ₹6,200 +₹250 / क्विंटल
चना (Gram / Chana) ₹5,650 ₹5,875 +₹225 / क्विंटल
मसूर (Lentil) ₹6,700 ₹7,000 +₹300 / क्विंटल
जौ (Barley) ₹1,980 ₹2,150 +₹170 / क्विंटल
कुसुम (Safflower) ₹5,940 ₹6,540 +₹600 / क्विंटल

सरकारी कांटे पर बेचने के लिए ई-उपार्जन पंजीयन कैसे करें?

राज्य सरकारें (जैसे म.प्र. में mpeuparjan.nic.in, उ.प्र. में fcs.up.gov.in, राजस्थान में Rajfed, हरियाणा में Meri Fasal Mera Byora) रबी पंजीयन शुरू करती हैं। पंजीयन की प्रक्रिया 5 सरल चरणों में होती है:

चरण 1: किसान सत्यापन: पोर्टल पर जाकर आधार नंबर या समग्र आईडी डालें। आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर 6 अंकों का OTP आएगा।

चरण 2: भूमि व खसरा चयन: अपने जिले, तहसील, पटवारी हल्का और गांव का चयन करें। स्क्रीन पर आपके नाम के सभी खसरा नंबर दिखने लगेंगे।

चरण 3: फसल व रकबा दर्ज करना: किस खसरे में कौन सी फसल (गेहूं/सरसों/चना) बोई है, उसका रकबा भरें। ध्यान रहे, यह रकबा पटवारी की आधिकारिक गिरदावरी से मेल खाना अनिवार्य है।

चरण 4: बैंक DBT पुष्टि: सिस्टम स्वतः जांचेगा कि आपका बैंक खाता आधार से PFMS पर एक्टिव है या नहीं। यदि "Aadhaar Linked" नहीं दिखा रहा, तो पंजीयन निरस्त हो सकता है।

चरण 5: पावती प्रिंट (Acknowledgement): पंजीयन सबमिट करने के बाद एक रजिस्ट्रेशन नंबर व पावती पर्ची स्क्रीन पर आएगी, जिसे डाउनलोड करके प्रिंट कर लें।

स्लॉट बुकिंग (Slot Booking): मंडी में बिना लाइन लगे तुलाई का तरीका

पहले किसानों को अपनी फसल लेकर कई-कई दिनों तक खरीदी केंद्र के बाहर ट्रॉलियों में रातें गुजारनी पड़ती थीं। अब सरकार ने स्लॉट बुकिंग सिस्टम अनिवार्य कर दिया है:

उपज पकने के बाद किसान घर बैठे मोबाइल से पोर्टल पर जाकर अपनी सुविधानुसार तारीख, समय और नजदीकी सरकारी वेयरहाउस/समिति का चयन कर सकता है। आपको एक डिजिटल टोकन नंबर SMS द्वारा भेजा जाता है। तय किए गए दिन और समय पर खरीदी केंद्र पहुंचने पर आपकी ट्रॉली को सीधे कांटे पर ले जाया जाता है और 1 घंटे के अंदर तुलाई होकर पावती (J-Form / तौल पर्ची) जारी हो जाती है।

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❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

रबी सत्र 2026-27 के लिए गेहूं का सरकारी रेट (MSP) क्या है?▼

केंद्र सरकार की आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति द्वारा रबी 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2,585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष से ₹160 अधिक है।

क्या समर्थन मूल्य का भुगतान नकद मिलता है?▼

नहीं, भारत सरकार के नियमानुसार MSP का 100% भुगतान आधार से जुड़े बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 48 से 72 घंटों के भीतर सीधे किसान के खाते में ट्रांसफर किया जाता है।

अगर गिरदावरी में फसल गलत दर्ज हो तो क्या करें?▼

यदि पंजीयन के समय पोर्टल पर आपकी बोई गई फसल नहीं दिख रही है, तो तत्काल अपने क्षेत्र के पटवारी या तहसीलदार से संपर्क करके राजस्व रिकॉर्ड (Girdawari) में सुधार के लिए आपत्ति दर्ज कराएं।

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