प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के तहत मिलने वाले ₹2,000 की अगली किस्त को लेकर कृषि मंत्रालय ने नियमों को पूरी तरह सख्त कर दिया है। अब सिर्फ आधार नंबर दर्ज होना काफी नहीं है—पोर्टल पर जब तक आपकी e-KYC, Land Seeding (भूमि सत्यापन) और Aadhaar Bank Seeding (NPCI) तीनों जगह हरा टिक यानी "YES" नहीं होगा, तब तक सिस्टम सीधे पेमेंट रोक देता है।
अच्छी बात यह है कि अगर आपके आधार में मोबाइल नंबर जुड़ा है, तो इसके लिए आपको किसी दफ्तर या कंप्यूटर वाले के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। आप खुद अपने फोन से 2 मिनट में यह जांच भी सकते हैं और e-KYC भी कर सकते हैं।
मोबाइल से खुद e-KYC करने का 2 मिनट का तरीका
अपने मोबाइल के क्रोम ब्राउज़र में pmkisan.gov.in खोलें और नीचे दिए गए क्रम का पालन करें:
स्टेप 1: होमपेज पर "Farmers Corner" के तहत सबसे ऊपर दिए गए "e-KYC" लिंक पर टैप करें।
स्टेप 2: अपना 12 अंकों का आधार नंबर डालें और Search दबाएं।
स्टेप 3: आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर डालें और "Get Mobile OTP" पर क्लिक करें।
स्टेप 4: फोन पर आए 4 अंकों के OTP को भरकर "Submit For Auth" करें।
स्टेप 5: इसके तुरंत बाद UIDAI की तरफ से 6 अंकों का मुख्य आधार OTP आएगा। उसे डालकर सबमिट करते ही स्क्रीन पर हरे रंग में "E-KYC is Successfully Submitted" लिखा आ जाएगा।
स्टेटस में ये 3 बातें जरूर जांचें (Beneficiary Status)
पोर्टल पर "Know Your Status" विकल्प में जाकर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या मोबाइल नंबर डालकर देखें। वहां इन तीन बिंदुओं पर क्या लिखा आ रहा है:
अगर "Land Seeding: NO" आ रहा है, तो कैसे सुधारें?
यह समस्या पिछले एक साल में सबसे ज्यादा किसानों के साथ आई है। इसे ऑनलाइन घर बैठे नहीं सुधारा जा सकता, क्योंकि इसके लिए पटवारी की आधिकारिक रिपोर्ट लगती है:
अपनी चालू खसरा-खतौनी की नकल, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की एक-एक फोटोकॉपी लें। इसे अपने हलके के पटवारी या तहसील कार्यालय में कृषि नोडल अधिकारी को दें। पटवारी अपने पोर्टल पर लॉगिन करके जैसे ही आपके खसरे को पीएम किसान आईडी से मैप करेगा, 15 दिनों के भीतर स्टेटस अपने आप "YES" हो जाएगा और रुका हुआ पैसा अगली किस्त के साथ जुड़कर आ जाएगा।


