नई दिल्ली / जयपुर / लखनऊ (MandiBhavLive सरकारी योजना डेस्क): रबी बुवाई सीजन 2026-27 की शुरुआत के साथ ही गेहूं, सरसों और चने की सिंचाई के लिए डीजल और बिजली कटौती से परेशान किसानों के लिए राहत की बड़ी खबर है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) और विभिन्न राज्य सरकारों (उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र) ने पीएम कुसुम योजना (PM-KUSUM Component-B) के तहत स्टैंडअलोन सोलर पंपों (3 HP से 10 HP) के नए लक्ष्य और ऑनलाइन टोकन बुकिंग शेड्यूल जारी कर दिए हैं।
इस विशेष गाइड में हम आपको 3 HP, 5 HP और 7.5 HP सोलर पंप की 2026-27 की कुल अनुमानित लागत, 60% से 75% सरकारी सब्सिडी काटने के बाद किसान को अपनी जेब से कितना अंशदान (Farmer Share) देना होगा, कितने एकड़ जमीन व बोरवेल गहराई के लिए कौन सा पंप सही है, और फर्जी वेबसाइटों के ठगी जाल से बचते हुए सीधे आधिकारिक सरकारी पोर्टल से आवेदन कैसे करें — इसकी पूरी जानकारी दे रहे हैं।
1. PM-KUSUM योजना के 3 घटक (Components A, B और C) — आपके लिए कौन सा है?
- Component-A (बंजर जमीन पर सोलर प्लांट): किसान अपनी बंजर या कम उपजाऊ भूमि पर 500 kW से 2 MW तक का सोलर पावर प्लांट लगाकर बिजली विभाग (DISCOM) को ₹3 से ₹3.50/यूनिट के हिसाब से बिजली बेचकर हर साल ₹4 से ₹5 लाख प्रति एकड़ कमा सकते हैं।
- Component-B (स्टैंडअलोन सोलर पंप — सबसे लोकप्रिय): जिन खेतों में बिजली कनेक्शन नहीं है या किसान डीजल पंप इस्तेमाल करते हैं, वहां 2 HP, 3 HP, 5 HP, 7.5 HP और 10 HP के नए सोलर पंप लगाने पर सरकार सीधे 60% से 75% सब्सिडी देती है।
- Component-C (पुराने बिजली पंप का सोलराइजेशन): जिन किसानों के पास पहले से कृषि बिजली कनेक्शन है, वे अपने ग्रिड-कनेक्टेड पंप को सोलर से जोड़कर दिन में मुफ्त सिंचाई कर सकते हैं और अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेच सकते हैं।
2. सोलर पंप रेट लिस्ट 2026-27: कुल कीमत, सब्सिडी और किसान अंशदान (Farmer Share)
केंद्र सरकार (30%) और राज्य सरकार (30% से 45%) मिलकर कुल लागत का 60% से 75% खर्च खुद उठाती हैं (अनुसूचित जाति/जनजाति और कुछ राज्यों जैसे हरियाणा व राजस्थान में विशेष श्रेणी में 75% तक अनुदान है)। 60% मानक सब्सिडी (UP, MP, बिहार, राजस्थान सामान्य श्रेणी) के आधार पर 2026-27 की औसत बेंचमार्क दरें नीचे दी गई हैं:
| सोलर पंप क्षमता व प्रकार | अनुमानित कुल सरकारी लागत (₹) | 60% सरकारी सब्सिडी (केंद्र + राज्य) | किसान अंशदान (40% देय राशि)* | उपयुक्त जल स्तर (गहराई) व भूमि |
|---|---|---|---|---|
| 2 HP (DC/AC Surface/Submersible) | ₹1,42,000 – ₹1,48,000 | ₹85,200 – ₹88,800 | ₹54,000 – ₹59,000 | 50 फीट तक जल स्तर | 1 से 2.5 एकड़ |
| 3 HP (DC Submersible) ⭐ | ₹1,94,000 – ₹2,05,000 | ₹1,16,400 – ₹1,23,000 | ₹76,000 – ₹82,000 | 100 से 150 फीट जल स्तर | 3 से 5 एकड़ |
| 5 HP (AC/DC Submersible) ⭐ | ₹2,68,000 – ₹2,82,000 | ₹1,60,800 – ₹1,69,200 | ₹1,05,000 – ₹1,12,000 | 180 से 220 फीट जल स्तर | 5 से 8 एकड़ |
| 7.5 HP (AC/DC Submersible) | ₹3,66,000 – ₹3,85,000 | ₹2,19,600 – ₹2,31,000 | ₹1,46,000 – ₹1,54,000 | 250 से 300 फीट जल स्तर | 8 से 12 एकड़ |
| 10 HP (AC/DC Submersible) | ₹4,58,000 – ₹4,75,000 | ₹2,66,000 (7.5HP कैप लागू)* | ₹1,92,000 – ₹2,15,000 | 300+ फीट गहरा बोरवेल | 12+ एकड़ |
*नोट: हरियाणा (हरियाणा सरल पोर्टल) में 75% सब्सिडी होने के कारण 3 HP पंप पर किसान अंशदान लगभग ₹48,000–₹52,000 और 5 HP पर ₹68,000–₹72,000 के आसपास रहता है। सभी पंपों के साथ 5 साल की पूर्ण निःशुल्क मेंटेनेंस वारंटी (AMC) और चोरी/प्राकृतिक आपदा बीमा शामिल रहता है।
3. AC बनाम DC सोलर पंप: किसान कौन सा चुनें?
- DC Submersible Pump (डीसी पंप): सुबह कम धूप और शाम को भी ज्यादा पानी निकालता है (AC की तुलना में 15-20% अधिक डिस्चार्ज)। जहां जल स्तर 100 से 220 फीट के बीच है, वहां 3 HP या 5 HP DC Submersible सबसे बेहतरीन विकल्प है।
- AC Submersible Pump (एसी पंप): इसकी मोटर की रिपेयरिंग स्थानीय बाजार में आसानी से हो जाती है। अगर आपके पास पहले से बिजली या जनरेटर से चलने वाली AC मोटर है या जल स्तर 250 फीट से ज्यादा गहरा है, तो 7.5 HP AC पंप चुनना बेहतर रहता है।
4. राज्यवार आधिकारिक आवेदन पोर्टल (Official Portals List)
केंद्र सरकार के मंत्रालय (MNRE) ने बार-बार चेतावनी जारी की है कि सोलर पंप के लिए केवल नीचे दिए गए आधिकारिक सरकारी पोर्टल्स पर ही आवेदन करें:
| राज्य / मंत्रालय | नोडल विभाग / योजना का नाम | आधिकारिक वेबसाइट (Official Portal) |
|---|---|---|
| केंद्र सरकार (राष्ट्रीय पोर्टल) | नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) | pmkusum.mnre.gov.in |
| उत्तर प्रदेश (UP) | कृषि विभाग उत्तर प्रदेश (दर्शन पोर्टल) | agridarshan.up.gov.in / upagriculture.com |
| राजस्थान (Rajasthan) | राज किसान साथी पोर्टल (उद्यानिकी विभाग) | rajkisan.rajasthan.gov.in |
| मध्य प्रदेश (MP) | मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना (ऊर्जा विकास निगम) | cmsolarpump.mp.gov.in |
| हरियाणा (Haryana) | HAREDA / अंत्योदय सरल पोर्टल | saralharyana.gov.in |
| महाराष्ट्र (Maharashtra) | महाकृषि ऊर्जा अभियान (MEDA / MSEDCL) | kusum.mahaurja.com |
5. ऑनलाइन टोकन बुकिंग प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज (Step-by-Step)
- किसान पंजीकरण (Farmer ID / AgriStack): अपने राज्य के कृषि पोर्टल पर आधार से लिंक किसान पंजीकरण संख्या दर्ज करें।
- टोकन जनरेशन व जमानत राशि: यूपी जैसे राज्यों में 'पहले आओ-पहले पाओ' या ई-लॉटरी के माध्यम से ऑनलाइन टोकन बुक करते समय ₹5,000 की टोकन मनी ऑनलाइन जमा करनी होती है (चयन न होने पर यह राशि बैंक खाते में वापस हो जाती है)।
- बोरवेल साइज नियम:
- 3 HP और 5 HP सबमर्सिबल के लिए कम से कम 6 इंच (150 mm) का चालू बोरवेल होना चाहिए।
- 7.5 HP और 10 HP के लिए 8 इंच (200 mm) का बोरवेल आवश्यक है।
- अनिवार्य दस्तावेज: आधार कार्ड, खसरा/खतौनी (जमाबंदी), बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो और स्व-घोषणा पत्र (कि खेत पर पहले से सब्सिडी वाला सोलर पंप नहीं लगा है)।
⚠️ सावधान: फर्जी कुसुम वेबसाइट और WhatsApp कॉल से कैसे बचें?
देशभर में सैकड़ों किसान फर्जी वेबसाइटों (जैसे .org, .in, .com डोमेन वाली नकली साइटें जो खुद को कुसुम डीलर बताती हैं) के शिकार हो चुके हैं।
- कॉल/WhatsApp पर कभी पैसे न भेजें: कोई भी सरकारी अधिकारी आपको फोन या व्हाट्सएप पर QR कोड भेजकर रजिस्ट्रेशन फीस (₹2,500 या ₹5,500) या किसान अंशदान नहीं मांगता।
- केवल .gov.in पोर्टल से चालान जनरेट करें: किसान अंशदान केवल आधिकारिक पोर्टल पर लॉगिन करके ऑनलाइन गेटवे या इंडियन बैंक/अधिकृत बैंक की शाखा में चालान के माध्यम से ही जमा होता है।
- अधिक जानकारी या शिकायत के लिए MNRE के नि:शुल्क टोल-फ्री नंबर 1800-180-3333 पर संपर्क करें।


