⚡ नीलामी अलर्ट📍 MP, राजस्थान व महाराष्ट्र चना पट्टी फील्ड रिपोर्ट
⏱️ 6 मिनट

चने की बुवाई 2026: RVG 202 लगाएं या कम्बाईन कटाई वाली फूले विक्रम? जानिए 18 क्विंटल पैदावार और उकठा से 100% बचाव

👨‍🌾
सतीश पाटीदारयार्ड रिपोर्टर
चीफ एग्रोनॉमिस्ट व दलहन शोध विशेषज्ञ • एम.एससी. एग्रोनॉमी, 14 वर्ष का दलहन शोध अनुभव
रिपोर्टिंग सत्र: 24 अक्टूबर 2026 (दोपहर बुलेटिन)
समीक्षक: सुनील शर्मा (मार्केट एनालिस्ट, Mandi Bhav Live)
चने की टॉप किस्में RVG 202 और फूले विक्रम पैदावार व बुवाई गाइड - Mandi Bhav Live

मध्य प्रदेश (विदिशा, उज्जैन, देवास, सागर, होशंगाबाद), राजस्थान (कोटा, बारां, हनुमानगढ़) और महाराष्ट्र में चने की बुवाई का सबसे अनुकूल समय 25 अक्टूबर से 15 नवंबर आ चुका है। सरकार द्वारा चने का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाकर ₹5,650 प्रति क्विंटल किए जाने के बाद किसान अधिक पैदावार वाली किस्मों की तलाश में हैं। लेकिन आज के समय में किसानों के सामने सबसे बड़ा सिरदर्द है—कटाई के समय मजदूरों की भारी किल्लत और ₹1,500 प्रति बीघा लेबर का खर्च!

RVG 202 बनाम फूले विक्रम: कौन सी किस्म आपके खेत के लिए बेस्ट?

निर्णय लेने से पहले दोनों किस्मों के बुनियादी अंतर को समझें:

विशेषता RVG 202 (राज विजया 202) फूले विक्रम (Phule Vikram)
पकने की अवधि 105 से 110 दिन (मध्यम अगेती) 105 से 112 दिन
पौधे की बनावट फैलावदार, झाड़ीनुमा सीधा खड़ा (60-65 सेमी ऊंचा)
कटाई का तरीका हाथ से मजदूरी कटाई अनिवार्य कम्बाईन हार्वेस्टर से सीधी कटाई
औसत पैदावार 18 से 22 क्विंटल/एकड़ 16 से 20 क्विंटल/एकड़
दाने का आकार व रंग मोटा बोल्ड दाना, चमकदार बादामी मध्यम बोल्ड, आकर्षक पीला-भूरा
उकठा (Wilt) सहनशीलता 100% उच्च प्रतिरोधी उच्च प्रतिरोधी

फूले विक्रम की सबसे बड़ी क्रांति: लेबर खर्च ₹1,200/बीघा की सीधी बचत

पारंपरिक चने की किस्मों में फलियां जमीन से 5 से 10 सेमी ऊपर ही शुरू हो जाती हैं, जिसके कारण हार्वेस्टर का कटर बार फलियों को काट देता है और 30% दाना खेत में बिखर जाता है। लेकिन महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ (राहुरी) द्वारा विकसित 'फूले विक्रम' में पहली फली जमीन से 30 से 35 सेमी ऊपर लगती है। सामान्य गेहूं वाले कम्बाईन हार्वेस्टर से इसे 20 मिनट में बिना किसी नुकसान के काटा जा सकता है। जहां हाथ से कटाई में ₹1,500 प्रति बीघा लगता है, वहीं हार्वेस्टर मात्र ₹400 में काम कर देता है।

उकठा (Fusarium Wilt) से 100% सुरक्षा का वैज्ञानिक बीजोपचार

चने की फसल में 90% नुकसान उकठा (जड़ गलन) रोग के कारण होता है। इससे बचने के लिए बुवाई से पहले एफ.आई.आर. (FIR) नियम अपनाएं:

  • F (Fungicide - फफूंदनाशक): प्रति किलो बीज में 2 ग्राम कार्बेन्डाजिम 12% + मेंकोजेब 63% (साफ) या 5 ग्राम जैविक ट्राइकोडर्मा विरिडी मिलाएं।
  • I (Insecticide - कीटनाशक): दीमक व जड़ की लट से बचाव के लिए क्लोरपायरीफॉस 20 EC (4ml प्रति किलो बीज)।
  • R (Rhizobium - कल्चर): 1 एकड़ के बीज में राइजोबियम कल्चर + पीएसबी (PSB) कल्चर का लेप लगाएं। इससे वायुमंडल की नाइट्रोजन जड़ों की गांठों में फिक्स होती है और यूरिया की जरूरत 70% घट जाती है।

⚠️ सिंचाई का सुनहरा नियम: चने की फसल में जब 50% फूल खिल रहे हों, तब कभी भी पानी न लगाएं। फूल के समय सिंचाई करने से सारे फूल गिर जाते हैं और फसल वानस्पतिक वृद्धि (पेड़ बनने) में लग जाती है। पहली सिंचाई पलेवा के बाद केवल घेंटी (पॉड) बनते समय ही करें।

⚡ लाइव रेट डैशबोर्डनीमच मंडी में आज के सभी फसलों के लाइव भाव देखें
नीमच मंडी लाइव रेट्स →
📲 यह बड़ी खबर किसान भाइयों के साथ व्हाट्सएप पर शेयर करें:

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

चने की प्रति एकड़ बीज दर कितनी रखनी चाहिए?▼

मध्यम दाने वाली किस्मों जैसे फूले विक्रम के लिए 30 से 35 किलो प्रति एकड़ और मोटे दाने वाली किस्मों जैसे RVG 202 या काबुली चने के लिए 40 से 45 किलो प्रति एकड़ बीज की आवश्यकता होती है।

क्या फूले विक्रम चने की कटाई सामान्य गेहूं के कम्बाईन हार्वेस्टर से हो सकती है?▼

हाँ, फूले विक्रम की ऊंचाई 60 से 65 सेमी होती है और इसकी निचली फलियां जमीन से 30 सेमी ऊपर लगती हैं, इसलिए सामान्य गेहूं कटाई वाले हार्वेस्टर की जाली और कटर बार को थोड़ा एडजस्ट करके आसानी से कटाई की जा सकती है।

चने में उकठा रोग कब लगता है और इसकी रोकथाम क्या है?▼

उकठा रोग बुवाई के 25 से 30 दिन बाद या फूल आने के समय मिट्टी में फंगस के कारण लगता है। इसकी रोकथाम के लिए बुवाई से पूर्व ट्राइकोडर्मा विरिडी से बीजोपचार करें और खेत में जलभराव न होने दें।

⚡ अन्य ताज़ा मंडी समाचार व अलर्ट्स

सभी समाचार देखें →
चक्रवात दाना से धान की पकी फसल जलमग्न किसान 72 घंटे में बीमा क्लेम - Mandi Bhav Live
🚨 मौसम व फसल क्षति अलर्ट

चक्रवात दाना से धान फसल डूबी: 72 घंटे के भीतर PM फसल बीमा क्लेम दर्ज करने की सरकारी प्रक्रिया व हेल्पलाइन जारी

25 अक्टूबर 2026 (सुबह 07:15 IST ग्राउंड बुलेटिन)

धान 1718 व 1509 मंडी भाव में जोरदार तेजी कोटा नरेला करनाल मंडी रिपोर्ट - Mandi Bhav Live
📈 मंडी तेजी-मंदी रिपोर्ट

धान 1718 व 1509 भाव में जोरदार तेजी: कोटा, नरेला और करनाल मंडी में ₹3,900 के पार पहुंची बोली, जानिए दिवाली तेजी-मंदी रिपोर्ट

25 अक्टूबर 2026 (सुबह 07:45 IST स्पेशल मंडी रिपोर्ट)

DAP खाद का असली विकल्प 3 बोरी SSP और 1 बोरी यूरिया फॉर्मूला - Mandi Bhav Live
⚡ खाद-उर्वरक अलर्ट

DAP खाद नहीं मिल रही तो न हों परेशान: वैज्ञानिक फॉर्मूला 3 बोरी SSP + 1 बोरी यूरिया = DAP से बेहतर असर व ₹850 की बचत!

24 अक्टूबर 2026 (सुबह बुलेटिन)

PM कुसुम सोलर पंप योजना 90% सब्सिडी ऑनलाइन आवेदन गाइड - Mandi Bhav Live
⚡ सरकारी योजना अलर्ट

सोलर पंप पर 90% तक सब्सिडी: PM कुसुम योजना 2026 में ऑनलाइन आवेदन शुरू, जानिए 3HP व 5HP पंप का किसान अंशदान व टोकन नियम

24 अक्टूबर 2026 (दोपहर बुलेटिन)

✅लिंक कॉपी हो गया!