मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के ग्रामीण अंचलों में रबी बुवाई जोरों पर है। लेकिन सहकारी समितियों (पैक्स व लेम्प्स) और क्रय-विक्रय केंद्रों पर डीएपी (DAP - डाई-अमोनियम फॉस्फेट) की भारी किल्लत देखी जा रही है। किसान सुबह 4 बजे से टोकन के लिए लाइनों में लग रहे हैं और खुले बाजार में ₹1,350 की सरकारी बोरी के लिए ₹1,800 तक की कालाबाजारी की शिकायतें मिल रही हैं।
⚠️ कृषि वैज्ञानिकों की दो-टूक सलाह: डीएपी के इंतजार में बुवाई लेट न करें। 15 दिन बुवाई पिछड़ने पर पैदावार में 15 से 20 प्रतिशत तक की सीधी गिरावट आ जाती है। नीचे दिया गया SSP + यूरिया फॉर्मूला डीएपी से भी बेहतर रिजल्ट देता है।
तुलनात्मक गणित: 1 बोरी DAP बनाम 3 बोरी SSP + 1 बोरी यूरिया
रासायनिक दृष्टि से पौधे को डीएपी नाम के ब्रांड की नहीं, बल्कि नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और सल्फर की जरूरत होती है। आइए दोनों के पोषक तत्वों की जमीनी तुलना देखें:
| पोषक तत्व व खर्च | 1 बोरी DAP (50 kg) | 3 बोरी SSP (150 kg) + 1 बोरी यूरिया (45 kg) | किसान को असली फायदा |
|---|---|---|---|
| फॉस्फोरस (P) | 23 किलो (46%) | 24 किलो (16% x 3) | +1 किलो ज्यादा फॉस्फोरस |
| नाइट्रोजन (N) | 9 किलो (18%) | 20.7 किलो (यूरिया से) | प्रारंभिक फुटाव के लिए भरपूर |
| सल्फर (गंधक) | 0% (शून्य) | 16.5 किलो (11% मुक्त) | सरसों में तेल, गेहूं में चमक |
| कैल्शियम (Ca) | 0% (शून्य) | 28.5 किलो (19% मुक्त) | जड़ों की मजबूती व मिट्टी सुधार |
| कुल सरकारी खर्च | ₹1,350 (ब्लैक में ₹1,800+) | ₹425 x 3 + ₹266 = ₹1,541 | अलग से ₹800 का सल्फर नहीं खरीदना पड़ता |
तिलहन (सरसों) और दलहन (चना) के लिए SSP क्यों है DAP का बाप?
सरसों और चने की तासीर यह है कि इन्हें फॉस्फोरस के साथ-साथ गंधक (सल्फर) की सख्त जरूरत होती है। डीएपी में सल्फर शून्य होता है, इसलिए डीएपी डालने वाले किसान को बाजार से ₹800 से ₹1,000 की बेंटोनाइट सल्फर अलग से खरीदनी पड़ती है। जबकि एसएसपी में 11% प्राकृतिक सल्फर पहले से मौजूद होता है।
जब किसान बुवाई के समय SSP डालता है, तो सरसों में तेल की मात्रा 38% से बढ़कर 41% तक पहुंच जाती है, जिससे मंडी में व्यापारी सीधे ₹250 से ₹300 प्रति क्विंटल का प्रीमियम भाव देते हैं।
IFFCO नैनो डीएपी का सही उपयोग कैसे करें?
यदि आप नैनो डीएपी (तरल 500ml बोतल) का उपयोग कर रहे हैं, तो इन 2 वैज्ञानिक नियमों का पालन अवश्य करें:
- बीज उपचार (Seed Treatment): 1 किलो बीज के लिए 5ml नैनो डीएपी लें और हल्के पानी के साथ मिलाकर छाया में सुखा लें। इससे बीज का अंकुरण 95% से अधिक होता है।
- पहला फोलियर स्प्रे (25-30 दिन): पहली सिंचाई के बाद जब फसल 4-5 पत्ती की हो जाए, तब 4ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से 500ml नैनो डीएपी प्रति एकड़ स्प्रे करें। यह जड़ों को तेजी से गहरा करता है।
कृषि वैज्ञानिक निष्कर्ष:
डीएपी की दुकानों पर लाइन लगाकर समय और इज्जत बर्बाद न करें। स्थानीय खाद डीलर या लेम्प्स से दानेदार सिंगल सुपर फास्फेट (SSP) लें, प्रति एकड़ 3 बोरी एसएसपी + 1 बोरी यूरिया अंतिम जुताई में डालें। आपकी फसल न सिर्फ समय पर बोई जाएगी, बल्कि दाना भी अधिक वजनी और चमकदार निकलेगा।




