रबी सीजन की प्रमुख फसलों—सरसों, गेहूं, आलू और लहसुन की बुवाई शुरू होते ही देश के प्रमुख कृषि राज्यों में DAP (डाई-अमोनियम फॉस्फेट) उर्वरक की मांग चरम पर पहुंच गई है। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS), इफको किसान सेवा केंद्रों और विपणन संघ (मार्कफेड) के गोदामों पर सुबह 4 बजे से ही किसानों की लंबी कतारें लग रही हैं। कालाबाजारी और अव्यवस्था रोकने के लिए प्रशासन ने टोकन व डिजिटल बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू की है।
💡 सरकारी नियम: DAP खाद का आधिकारिक विक्रय मूल्य ₹1,350 प्रति 50 किलो बोरी निर्धारित है। यदि कोई निजी विक्रेता या डीलर ₹1,350 से एक रुपया भी अधिक मांगता है या साथ में जिंक/सल्फर जबरन टैग करता है, तो तुरंत कृषि विभाग की हेल्पलाइन या टोल-फ्री नंबर 1800-180-1551 पर शिकायत दर्ज कराएं।
📜 खाद टोकन व वितरण के 4 नए अनिवार्य नियम
- भू-अभिलेख (खसरा नकल/ऋण पुस्तिका) सत्यापन: अब केवल आधार कार्ड दिखाने से खाद नहीं मिलेगी। किसान को अपनी चालू वर्ष की खसरा नकल या किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) पासबुक साथ ले जानी होगी, जिससे बोए जाने वाले रकबे का सत्यापन होगा।
- प्रति बीघा निर्धारित कोटा: एक किसान को प्रति बीघा अधिकतम 1 बोरी DAP और अधिकतम 5 से 10 बोरी (भूमि के आकारानुसार) देने की कैपिंग लगाई गई है ताकि सभी छोटे किसानों को खाद मिल सके।
- PoS मशीन पर बायोमेट्रिक सत्यापन: खाद की बिक्री सीधे केंद्र सरकार के e-Urvarak पोर्टल से लिंक PoS मशीन के जरिए अंगूठा लगाकर हो रही है।
- अंगूठा न लगने पर विकल्प: यदि बुजुर्ग किसानों या महिला कृषकों का फिंगरप्रिंट मैच नहीं होता, तो परिवार के नामांकित सदस्य (राशन कार्ड में दर्ज नाम) के आधार और ओटीपी (OTP) के माध्यम से पर्ची जारी की जा सकती है।
🌱 DAP न मिलने पर वैज्ञानिक विकल्प: NPK 12:32:16
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि समिति पर DAP उपलब्ध नहीं है, तो बुवाई को न टालें। NPK 12:32:16 (मूल्य ₹1,470 प्रति बोरी) वास्तव में DAP से कहीं अधिक संतुलित खाद है क्योंकि इसमें नाइट्रोजन (12%) और फास्फोरस (32%) के साथ पोटाश (16%) भी उपलब्ध होता है, जिससे दानों का भराव चमकदार और जड़ें गहरी होती हैं।




