मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत ₹4,892 प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सोयाबीन की सरकारी खरीद जारी है। लेकिन उपार्जन केंद्रों से आ रही ग्राउंड रिपोर्टों के अनुसार, सैकड़ों किसान अपनी ट्रालियां रिजेक्ट होने से परेशान हैं। केंद्र प्रभारियों द्वारा 12.0% से अधिक नमी और 2% से अधिक कचरा (Foreign Matter) बताकर माल लेने से इनकार किया जा रहा है, जिससे किसान बाहर मंडियों में ₹4,000–₹4,200 पर औने-पौने दाम में बेचने को विवश हो रहे हैं।
⚠️ किसान बंधु ध्यान दें: यदि आपके सोयाबीन में नमी 13% या 14% है, तो उसे औने-पौने दाम में व्यापारियों को न बेचें। नीचे दिए गए 3-स्टेप तिरपाल सुखाने के तरीके से आप मात्र 4 से 6 घंटे में नमी को 12% के मानक दायरे में लाकर पूरे ₹4,892 प्रति क्विंटल का लाभ ले सकते हैं।
🔬 नमी नापने का आधिकारिक सरकारी नियम
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के स्पष्ट निर्देश हैं कि उपार्जन केंद्र पर नमी की जांच केवल कैलिब्रेटेड डिजिटल मॉइस्चर मीटर से ही की जानी चाहिए। हाथ से दाना चबाकर या अंदाजे से रिजेक्ट करना पूरी तरह गैरकानूनी है। किसान भाई तौल से पहले अपनी आंखों के सामने मीटर की रीडिंग अवश्य देखें और 3 अलग-अलग बोरियों से लिए गए औसत सैंपल की जांच करवाएं।
☀️ 6 घंटे में 2% नमी कम करने का फील्ड फॉर्मूला
- काली या नीली तिरपाल का उपयोग: खलिहान या पक्के आंगन पर तिरपाल बिछाकर सोयाबीन को 2 से 3 इंच की पतली परत में फैलाएं।
- दोपहर 11 से 3 बजे की धूप: इस समय हवा में आर्द्रता सबसे कम होती है। हर 1 घंटे में दाने को लकड़ी के पाटे या पैरों से उलट-पलट करें।
- पंखा व झरना सफाई: हवा लगाने से बारीक धूल और कचरा (जो नमी सोखता है) अलग हो जाता है, जिससे नमी तुरंत 1.5% से 2% तक नीचे आ जाती है।




