दीपावली के पावन महापर्व के उपलक्ष्य में मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की प्रमुख कृषि उपज मंडियों (APMC) में 5 से 7 दिनों का पारंपरिक व्यापारिक अवकाश घोषित किया गया है। धनतेरस (29 अक्टूबर) से लेकर भाई दूज (3 नवंबर) तक मंडियों में नियमित नीलामी कार्य और तौल कांटे बंद रहेंगे। किसान भाइयों से विशेष आग्रह है कि वे अवकाश की तिथियों का सत्यापन किए बिना अपनी फसल लेकर मंडी न पहुंचें, अन्यथा यार्ड के बाहर जाम और फसल सुरक्षा का संकट खड़ा हो सकता है।
🚨 किसान भाइयों के लिए अति महत्वपूर्ण सूचना: 28 अक्टूबर (बुधवार) को अधिकांश मंडियों में अवकाश से पहले की अंतिम सामान्य नीलामी होगी। 29 अक्टूबर (धनतेरस) से नीलामी बंद हो जाएगी। जिन किसानों को नकदी की तत्काल आवश्यकता है, वे 28 अक्टूबर दोपहर 12 बजे से पहले मंडी यार्ड में प्रवेश कर लें।
🏛️ प्रमुख APMC मंडियों का दिवाली अवकाश कैलेंडर 2026
| मंडी का नाम (राज्य) | अंतिम सामान्य नीलामी | अवकाश अवधि (कांटे बंद) | कांटा पुनः चालू होने की तिथि |
|---|---|---|---|
| नीमच मंडी (MP) | 28 अक्टूबर 2026 | 29 अक्टूबर से 03 नवंबर 2026 | 04 नवंबर 2026 (बुधवार) |
| मंदसौर मंडी (MP) | 28 अक्टूबर 2026 | 29 अक्टूबर से 03 नवंबर 2026 | 04 नवंबर 2026 (बुधवार) |
| कोटा भामाशाह मंडी (राज.) | 28 अक्टूबर 2026 | 29 अक्टूबर से 04 नवंबर 2026 | 05 नवंबर 2026 (गुरुवार) |
| इंदौर संयोगितागंज (MP) | 28 अक्टूबर 2026 | 29 अक्टूबर से 03 नवंबर 2026 | 04 नवंबर 2026 (बुधवार) |
| ऊंझा मंडी (गुजरात) | 27 अक्टूबर 2026 | 28 अक्टूबर से 04 नवंबर 2026 | 05 नवंबर 2026 (लाभ पंचम) |
🕯️ दीपावली मुहूर्त कारोबार का विशेष नियम
भारतीय व्यापारिक परंपरा के अनुसार, दीपावली लक्ष्मी पूजन की शाम को व्यापारी संघ द्वारा नए संवत वर्ष के स्वागत में विशेष मुहूर्त कारोबार आयोजित किया जाता है। इस दौरान 45 मिनट से 1 घंटे के लिए सांकेतिक नीलामी होती है। मुहूर्त के सौदों में शुभता के प्रतीक के तौर पर व्यापारियों द्वारा सामान्य से ऊंचे भाव (प्रीमियम दर) पर पहली ढेरी खरीदी जाती है। हालांकि, यह सिर्फ सांकेतिक बोली होती है और इसमें सामान्य ट्रालियों की तौल नहीं की जाती।
🌾 अवकाश के दौरान किसान क्या करें?
- फसल सुरक्षित भंडारण: सोयाबीन, मक्का और मूंगफली को तिरपाल या पक्के शेड में रखें ताकि ओस और बेमौसम बूंदाबांदी से नमी न बढ़े।
- रबी बुवाई पर फोकस: इस 6 दिन के अवकाश काल का पूरा लाभ उठाकर सरसों, चने और गेहूं की बुवाई का कार्य संपन्न करें।
- ई-उपार्जन पंजीयन: धान और रबी फसलों के सरकारी MSP स्लॉट बुकिंग का कार्य ऑनलाइन मोबाइल से पूरा कर लें।




