हरियाणा (करनाल, तरावड़ी, पानीपत, कैथल, जींद), राजस्थान (कोटा, बूंदी, बारां), दिल्ली (नरेला, नजफगढ़), पंजाब (अमृतसर, तरनतारन, मुक्तसर) और पश्चिमी उत्तर प्रदेश (अलीगढ़, मथुरा, खैर) की अनाज मंडियों में इस समय पूसा बासमती 1718 (Pusa Basmati 1718) और 1121 (Pusa 1121) की कटाई व आवक अपने चरम पर पहुंच रही है। जहां अगेती किस्म धान 1509 की 75% से अधिक आवक मंडियों में सिमट चुकी है, वहीं अब किसानों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है: "क्या दिवाली मंडी अवकाश से पहले अपना 1718 और 1121 धान बेच दें, या दिवाली के बाद नवंबर-दिसंबर में बासमती निर्यात की तेजी का इंतजार करें?"
📊 आज के प्रमुख बासमती लाइव भाव एक नज़र में:
• धान 1718 (ऑल-इंडिया लाइव रेट): कंबाइन ₹3,450–₹3,750 | हाथ का झाड़ा हुआ सुपर माल: ₹3,850–₹4,120/क्विंटल
• धान 1121 (ऑल-इंडिया लाइव रेट): कंबाइन ₹3,950–₹4,280 | हाथ का टॉप क्वालिटी माल: ₹4,350–₹4,720/क्विंटल
• धान 1509 (सूखा माल): ₹3,250–₹3,680/क्विंटल
🚢 1. अंतरराष्ट्रीय बासमती निर्यात (Export) और MEP हटने का सीधा असर
केंद्र सरकार द्वारा बासमती चावल के निर्यात पर लगा $950 प्रति टन का न्यूनतम निर्यात मूल्य (MEP Floor Price) हटाए जाने के बाद से भारतीय निर्यातकों को सऊदी अरब, ईरान, इराक, यमन, यूएई (UAE) और यूरोपीय देशों से नए अनुबंध (Export Contracts) मिले हैं। आगामी फरवरी-मार्च 2027 में शुरू होने वाले रमज़ान सीजन (Ramadan Bulk Buying) के लिए खाड़ी देशों के आयातक नवंबर और दिसंबर में सेला (Sella) और स्टीम (Steam) बासमती चावल की सबसे बड़ी खरीदारी करते हैं।
तरावड़ी, करनाल और नरेला के प्रमुख राइस मिलर्स के अनुसार, 1718 और 1121 का दाना 8.30 mm से 8.40 mm लंबा होता है और पकाने पर टूटता नहीं है, इसलिए खाड़ी देशों के बल्क टेंडर में इसकी मांग 1509 की तुलना में कहीं अधिक रहती है।
⚖️ 2. हाथ का झड़ा धान बनाम कंबाइन कटाई: ₹350 से ₹450 प्रति क्विंटल का अंतर क्यों?
| बासमती किस्म व मंडी | कंबाइन कटाई (Combine) | हाथ का झड़ा (Hand Threshed) | राइस मिल प्रीमियम अंतर |
|---|---|---|---|
| पानीपत व करनाल (1718) | ₹3,550 – ₹3,720 | ₹3,920 – ₹4,120 | +₹350 से ₹400/क्विंटल |
| कोटा व बूंदी मंडी (1718) | ₹3,420 – ₹3,650 | ₹3,780 – ₹3,950 | +₹300 से ₹350/क्विंटल |
| नरेला व नजफगढ़ (1718) | ₹3,600 – ₹3,780 | ₹3,980 – ₹4,150 | +₹370 से ₹400/क्विंटल |
| अमृतसर व तरावड़ी (1121) | ₹4,050 – ₹4,280 | ₹4,450 – ₹4,720 | +₹400 से ₹450/क्विंटल |
क्यों मिलता है हाथ के धान का ऊंचा भाव? कंबाइन से कटे धान में नमी 18% से 22% होती है और हाई-स्पीड ड्रम की वजह से दाने में सूक्ष्म दरारें (Hairline Cracks / Sun-checks) आ जाती हैं, जिससे मिलिंग में 'हेड राइस रिकवरी' (साबुत चावल) केवल 48–52% बैठती है। इसके विपरीत हाथ से कटे और खेत में 2 दिन सूखे पूले वाले धान में नमी 13–14% होती है और साबुत चावल की रिकवरी 60–63% तक आती है, इसलिए रॉ और स्टीम राइस मिलें हाथ के माल पर ₹400/क्विंटल तक ऊपर बोली लगाती हैं।
🎯 3. किसानों के लिए दिवाली बाद की बिकवाली रणनीति (Hold vs Sell)
- गीला कंबाइन माल (18%+ नमी) तुरंत बेचें: यदि आपका धान कंबाइन से कटा है और उसमें नमी अधिक है, तो उसे घर पर ढेर लगाकर न रोकें—अन्यथा 48 घंटे में गर्म होकर दाना पीला या बदरंग (Discolored) पड़ जाएगा और भाव घट जाएगा। इसे मंडी में सुखाकर तुरंत निकालें।
- हाथ का सूखा 1718 व 1121 (13-14% नमी) दिवाली बाद बेचें: वर्तमान में दिवाली से पहले मंडियों में गाड़ियों की लंबी कतारों और मिलों के गोदाम भरे होने से दबाव है। 5 नवंबर से 25 नवंबर के बीच जब मंडियां दोबारा पूर्ण क्षमता से खुलेंगी और निर्यातक मिलों की खरीद तेज होगी, तब अच्छे सूखे 1718 में ₹200 से ₹300 प्रति क्विंटल और 1121 में ₹250 से ₹350 प्रति क्विंटल तक का उछाल देखने को मिल सकता है।
- मंडी जाने से पहले लाइव भाव की तुलना करें: अपनी ट्रॉली ले जाने से पहले कोटा मंडी 1718, बूंदी मंडी 1718, पानीपत मंडी 1718 और करनाल नई अनाज मंडी 1718 के दैनिक नीलामी भाव जरूर जांचें।




